पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बर्थडे पार्टी में प्राणघातक हमला करने वाले फरार आरोपी गिरफ्तार, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड का भी खुलासा

दुर्ग। थाना सुपेला पुलिस ने बर्थडे पार्टी के दौरान दो गुटों में हुई हिंसक झड़प में प्राणघातक हमला करने वाले फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने इस प्रकरण की विवेचना के दौरान ऑनलाइन गेमिंग के जरिए अवैध लेन-देन में आरोपियों की संलिप्तता का भी खुलासा किया है।
दिनांक 18 मई 2025 को प्रार्थी सौरभ वर्मा ने थाना सुपेला में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने मित्र आयुष, सिद्धार्थ और रोहित के साथ होटल अमित पार्क, भिलाई में सिद्धार्थ का जन्मदिन मना रहे थे। तभी 3-4 अज्ञात युवकों ने अश्लील गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी और मारपीट पर उतारू हो गए। विरोध करने पर सभी आरोपियों ने एकराय होकर आयुष पर लकड़ी के डंडे और मुक्कों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में आयुष के सिर, चेहरे और माथे पर गंभीर चोटें आईं। साथ ही आरोपियों ने आयुष की KIA कार (CG 04 QC 0024) को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
प्रार्थी की शिकायत पर थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 581/2025 धारा 109(1), 296, 351(2), 115(2), 324, 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने त्वरित विवेचना शुरू की।
दिनांक 20 मई को पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रखर चंद्राकर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा बरामद किया। पूछताछ में प्रखर चंद्राकर ने अपने साथी प्रियम शरण, पुल्कित चंद्राकर और करण सिंह के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूली।
मोबाइल जांच में सामने आया कि प्रखर और पुल्कित चंद्राकर ने षड्यंत्रपूर्वक छल से म्युल बैंक खाते किराए पर लेकर ऑनलाइन गेमिंग में अवैध लेन-देन किया है। इस आधार पर थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 594/2025 धारा 318(4), 61(2) BNS एवं छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
दिनांक 15 जून को मुखबिर की सूचना पर फरार आरोपी प्रियम शरण को गिरफ्तार किया गया, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। वहीं, पुल्कित चंद्राकर और करण सिंह ने 29-30 जुलाई को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। पुल्कित चंद्राकर को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
मुख्य आरोपी – पुल्कित चंद्राकर, उम्र 25 वर्ष, निवासी मरौदा, थाना नेवई, जिला दुर्ग।
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक विजय कुमार यादव, सउनि राजेश तिवारी, संतोष मिश्रा, आरक्षक दुर्गेश राजपूत और यूर्याप्रताप सिंह की सराहनीय भूमिका रही।














